कब से शुरू हो रहे हैं माघ गुप्त नवरात्रि 2024? जानें कलश स्थापना शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
कब है माघ गुप्त नवरात्रि 2024?
माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार साल 2024 में माघ गुप्त नवरात्रि 10 फरवरी 2024 शनिवार के दिन से शुरू होंगे और 18 फरवरी 2024 रविवार के दिन समाप्त होंगे.गुप्त नवरात्रि 2024 कलश स्थापना मुहूर्त
माघ गुप्त नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 10 फरवरी शनिवार की सुबह 4:28 से शुरू होकर 11 फरवरी रविवार की रात्रि 12: 47 मिनट तक रहेगी. कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त 10 फरवरी 2024 शनिवार को सुबह 8:34 बजे से लेकर सुबह 9:59 बजे तक रहेगा.
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक जरूर बनाएं.
फिर आम या आशोक के पत्तों का तोरण लगाएं. ऐसा करने से मां दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त होती है.
अगर कलश स्थापना की है तो सुबह शाम मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए.
नवरात्रि के पहले दिन माता की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर स्थापित करें.
इसके पश्चात शाम में माता के समक्ष मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं. जौ को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
कलश स्थापना के साथ ही रोली, अक्षत, लाल फूल, मौली आदि अर्पित करें.
दुर्गा देवी के मंत्रों का उच्चारण करते हुए माता की विधिपूर्वक पूजा करें.
अखंड दीपक प्रज्वलित करते हुए माता की आरती करें.
अंत में माता को लौंग और बताशे का भोग लगाएं.
गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की होती है उपासना
मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, मां कमला. गुप्त नवरात्रि की पूजा का मुख्य उद्देश्य साधकों द्वारा तंत्र-मंत्र की सिद्धि पाना होता है. ऐसा माना जाता है कि इस पूजा के अनुष्ठान को जिनता गुप्त रखा जाता है, उतनी जल्दी ही साधक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
